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fighter ji kahin
कानपुर। शहर की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कॉरपोरेट और फर्जी फर्मों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 65 लाख 26 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, तीन चेकबुक, दो एटीएम कार्ड और फर्जी फर्मों से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए हैं।प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान जानकारी देते हुए सी पी रघुवीर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बेकनगंज निवासी शाहजेव वारिस (24) और चमनगंज निवासी सलमान (31) के रूप में हुई है। पुलिस की जांच में कानपुर नगर के 14 बैंकों के 72 खातों में करीब 5,600 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता चला है। इन खातों में तीन से सात दिनों के भीतर करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया। एक दिन में एक हजार से अधिक ट्रांजेक्शन होने की बात भी सामने आई है।पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर देश के विभिन्न राज्यों से संबंधित 86 साइबर अपराध शिकायतें दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपियों ने निवेश के नाम पर अधिक लाभ का लालच देकर फर्जी फर्मों के खातों में रकम मंगाने और उसे गेमिंग प्लेटफॉर्म व अन्य बैंक खातों के जरिए घुमाने की जानकारी दी है।
पुलिस टीम ने मोबाइल फोन से आपराधिक कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस गिरोह से जुड़े सात-आठ अन्य संदिग्धों और संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, 5,600 करोड़ रुपये की राशि फिलहाल संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का अनुमान है। इसे पूरी तरह साइबर ठगी की रकम साबित करने के लिए जांच जारी है।इसके साथ साथ यह भी सामने आया है कि एक फरार आरोपी दरोगा पुत्र है ।






