कानपुर। अधिवक्ताओं की विभिन्न मांगों को लेकर कानपुर में वकीलों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। कानपुर बार एसोसिएशन और दि लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए धरना-प्रदर्शन किया।
कानपुर बार एसोसिएशन के पत्र के मुताबिक, प्रांतीय अधिवक्ता सम्मेलन में लिए गए निर्णय के क्रम में प्रदेश के अधिवक्ताओं ने प्रत्येक बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया है। इसी क्रम में 7 अक्टूबर 2026 को कानपुर के अधिवक्ताओं ने सामूहिक अवकाश रखते हुए न्याय भवन के गेट के पास धरना दिया।
धरने की अध्यक्षता दि लॉयर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमाकांत मिश्रा ने की, जबकि संचालन बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मोहम्मद तौहीद और लॉयर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पुष्कर धर द्विवेदी ने किया।
धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। मोहम्मद तौहीद ने बताया कि इस मांग को लेकर प्रदेशभर के अधिवक्ताओं से बातचीत की जा रही है और आगे की रणनीति के तहत लखनऊ विधानसभा का घेराव जल्द किया जाएगा।
धरने को बार एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन के कई पदाधिकारियों एवं पूर्व पदाधिकारियों ने संबोधित किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने आंदोलन में भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
अब सवाल यह है कि अधिवक्ताओं की इन मांगों पर सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और क्या प्रस्तावित विधानसभा घेराव आंदोलन को नया राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव देगा?कानपुर बार एसोसिएशन उपाध्यक्ष मोहम्मद तौहीद,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमाकांत मिश्रा पुष्कर दर द्विवेदी, विवेक सिंह भगवत दास, अभय त्रिपाठी अनिल बाबू चौधरी नदीम अहमद, आदि शामिल रहे ।





