कमलेश फाइटर जर्नलिस्ट
नई दिल्ली।बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अपने चेक-बाउंस मामले को लेकर पेश हुए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें भुगतान की व्यवस्था पूरी करने के लिए समय दिया और इसके बाद उनकी याचिका पर मेरिट में सुनवाई का रास्ता साफ हुआ।
लेकिन इस सुनवाई में सबसे ज्यादा चर्चा हुई राजपाल यादव की उस दास्तां की, जो उन्होंने खुद अदालत के सामने सुनाई।
राजपाल यादव ने बताया कि पिछले कई वर्षों में इस विवाद ने उनकी जिंदगी और करियर पर गहरा असर डाला। उन्होंने दावा किया कि पिछले 13 साल में उन्हें करीब 250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
राजपाल ने अपनी फिल्म ‘आता पता लापता’ का भी जिक्र किया और कहा कि इसमें उनके करीब 17 करोड़ रुपये डूब गए। उनका कहना था कि करीब 5 करोड़ रुपये के विवाद ने उनके बाकी पैसे और कमाई पर भी भारी असर डाला।
उन्होंने अदालत में यह भी कहा कि इस मामले के कारण उनकी ब्रांडिंग और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और उनकी फिल्म की रिलीज भी प्रभावित हुई।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने राजपाल यादव से हल्के-फुल्के अंदाज में पूछा कि कुछ नया बना रहे हैं या नहीं। इसके बाद जब सीजेआई ने उन्हें एक अच्छी फिल्म बनाकर लोगों को एंटरटेन करने की सलाह दी, तो राजपाल यादव ने ऐसा जवाब दिया जिसने सबका ध्यान खींच लिया।
उन्होंने कहा कि 2010 से 2026 तक जो कुछ उनके साथ हुआ, उस पर फिल्म का नाम उन्होंने पहले ही सोच रखा है—‘सोलह सावन झेल के’।
यानी एक तरफ अदालत में करोड़ों रुपये और लंबे कानूनी विवाद की लड़ाई… और दूसरी तरफ उसी संघर्ष को पर्दे पर उतारने का राजपाल यादव का इरादा।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। राजपाल यादव की ओर से ₹1.15 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट पेश किया गया, जबकि बाकी ₹85 लाख की व्यवस्था संपत्ति के खरीदार के जरिए किए जाने की बात कही गई।
अब देखना होगा कि इस मामले में आगे सुप्रीम कोर्ट का रुख क्या रहता है और क्या सचमुच राजपाल यादव की ‘सोलह सावन झेल के’ वाली कहानी पर्दे पर दिखाई देती है।





