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दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर मुस्लिम नेताओं की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने मौलाना शाहाबुद्दीन बरेलवी के बयान का समर्थन करते हुए राज्यसभा में मुस्लिम प्रतिनिधित्व को लेकर सपा प्रमुख पर निशाना साधा।
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि अखिलेश यादव के ‘मुस्लिम प्रेम’ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल में उनकी ओर से राज्यसभा के लिए जिन दो नामों का नामांकन कराया गया, उनमें एक भी मुस्लिम नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा को मुस्लिमों का वोट मिलता है, लेकिन राज्यसभा में प्रतिनिधित्व के सवाल पर मुस्लिम समाज को अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिल रही है।
रशीदी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के भीतर कहीं न कहीं यह सोच पैदा हो रही है कि जिस रास्ते पर भारतीय जनता पार्टी चल रही है, उसी रास्ते पर वह भी आगे बढ़ना चाहते हैं। उनके मुताबिक, सपा प्रमुख धीरे-धीरे मुस्लिम समाज से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
इससे पहले मौलाना मुफ्ती शाहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर कहा था कि अयोध्या जाना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन उनके दौरे से ‘हिंदू कार्ड खेलने की कोशिश’ नजर आती है।
मुस्लिम नेताओं के इन बयानों ने अखिलेश यादव की राजनीति और सपा के मुस्लिम प्रतिनिधित्व को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।





